ISSN 0976-8645

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नवमाङ्के भवतां हार्दं स्वागतम्॥

Issue-9th , Vol-III, Date-02.02.2012, Year- 3, Place- Kolkata, WB, India

INDEX

    प्रस्फुटम्

सम्पादकीयम्- विद्यावाचस्पति डा. सदानन्द झा

प्रकाशकीयम्- बिपिन झा

 

   साहित्यानुरागः

बोधिचर्यावतार में प्रज्ञा-पारमिता- डॉ. प्रभावती चौधरी

आषाढमासपोर्णिमयोः अन्वितार्थत्वम्- डा. कृपाशङ्कर शर्मा

अविद्याविरोधे सप्तानुपपत्तयः- अरविन्दमोहन रतूड़ी

अर्थोऽयं ब्रह्मसूत्राणाम्- श्री दयानन्द पाणिग्राही

संस्कृताश्रितायां भारतीयसंस्कृतौ विश्वभ्रातृत्वम्- तन्मयकुमारभट्टाचार्यः

योग एवं कुण्डलिनी जागरण: एक अध्ययन- निर्भयशंकर भारद्वाज

Rasa and ŚabdaŚakti According to DhanaMjaya- ATHIRA ATHAVEDAN

प्राचीन स्तुति साहित्य के संदर्भ मे आधुनिक स्तोत्र काव्य प्रार्थना- Manjulaben Vasarambhai Parma

किशोराणां संवेगात्मकव्यवहारस्याध्ययनं महत्त्वञ्च- अशोक कुमार

नैषधं विद्वदौषधम्- सुश्री स्मिता सारस्वत

माघस्य काव्यात्मतत्त्वम्- डॉ0 सुमीत कुमार मंडन

भारतीय इतिहास लेखन में संस्कृत अभिलेखों का योगदान- अभय शंकर

वाल्मीकेः समयः- कमलेश कमल, गवेषक

पाणिनीयव्याकरणे समाजस्वरुपविचारः- डॉ.गिरिधारी पण्डा

महाभाष्ये लौकिकदृष्टान्तानामुपयोगिता- विद्यावाचस्पति पण्डित सदानन्द झा, बिपिन कुमार झा

अरिष्टप्रदयोगाः- डा. प्रदीप झा

भारतीय काव्यशास्त्र पर शैव दर्शन का प्रभाव डा. योगेश शर्मा

जैन धर्म- Dr. Mukesh Jha

कालस्यावधारणा संस्कृतवाङमये. ब्युटी, विपिनः

 

शृङ्खला प्रभागः

हायकू- डा. नारायण दाशः

प्राचीनभारते अध्यापकवैविध्यम्- डा. एन्. लता

वाक्यपदीय के सन्दर्भ में पुरुष की प्रासङ्गिकता- श्री अमरजी झा

आधुनिकभारतीयशिक्षापद्धतेः गुणदोषविवेचनम्- रामसेवक झा

 

 

 

॥शम्॥

 

 

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